अमित शाह के कारण मोदी को हो सकता है नुकसान

भाजपा नेतृत्व की चिंताओं का अंत नहीं
By: अमूल्य गांगुली  on: Wed 28 of Jul, 2010 12:36 UTC  (2 Reads)
India
अमित शाह भाजपा के ऐसे तीसरे विधायक हैं, जिन्हें कानून की गिरफ्त में आना पड़ा है। दो अन्य विधायक हैं माया कोदनानी और मनोज प्रधान। माया कदनानी तो अमित शाह की तरह ही गुजरात में मंत्री थीं। मनोज प्रधान को उड़ीसा के कंधमाल में फेली हिंसा के लिए गिरफ्तार किया था। वे उड़ीसा विधानसभा के ही सदस्य थे।

पाकिस्तान ने सार्क पुलिस का प्रस्ताव रखा

सदस्य देशों में इस प्रस्ताव पर मतभेद
By: आशीष बिश्वास  on: Tue 27 of Jul, 2010 12:32 UTC  (2 Reads)
कोलकाताः आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, और देह व्यापार के रैकेट जैसे अपराधों को रोकने के लिए दक्षिण एशियाई देशों का संगठन एक साझा पुलिय बल तैयार करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।

केरल में आतंकवाद पर सरकार की नई पहल

कांग्रेस का रवैया स्पष्ट नहीं
By: पी श्रीकुमारन  on: Mon 26 of Jul, 2010 12:29 UTC  (3 Reads)
India
तिरुअनंतपुरमः केरल की सरकार ने आतंकवाद की समस्या को हल करने के लिए कजस तेजी से काम किया है, उसके कारण इसे उन लोगों की प्रशंसा भी मिल रही है, जो आमतौर पर वाम दलों को देखकर नाक भौं सिकोड़ते हैं।

आतंकवाद पर अमेरिका को नीतियां बदलना जरूरी

By: ओ.पी. पाल   on: Sun 25 of Jul, 2010 11:54 UTC  (1 Reads)
International
भारत में 26/11 आतंकी हमले को लेकर भले ही अमेरिका पाकिस्तान पर दबाव बनाने की बात करता हो, लेकिन पाकिस्तान या अफगानिस्तान के मामले में जिस प्रकार की अमेरिकी नीतियां बनाई जा रही हैं, वह आतंकवाद से निपटने में नाकाफी हैं और नही मौजूदा नीतियों से अमेरिका तालिबान को समाप्त कर पाएगा? दरअसल पाकिस्तान को अपने साथ रखना इसलिए भी अमेरिका की मजबूरी है कि उसे इस बात का डर है कि कहीं पाकिस्तान पूरी तरह चीन की गोद में न चला जाए। यही कारण है कि अमेरिका यह सब जानते हुए भी कि पाकिस्तान आतंकवाद और तालिबानी संगठन अलकायदा जैसे कट्टरपंथी संगठनों का समर्थन और उनके लिए मददगार है, फिर भी अफगान में जारी अपने संघर्ष को दृष्टिगत रखते हुए पाकिस्तान को आर्थिक और हथियारों जैसी सहायता को लगातार बढ़ा रहा है।

अफगानिस्तान सम्मेलन एवं क्लिंटन की पाक यात्रा

दक्षिण एशिया में शांति के लिए पाकिस्तान का बदलना आवश्यक
By: अवधेश कुमार  on: Sat 24 of Jul, 2010 12:24 UTC  (0 Reads)
International
लगभग एक सप्ताह तक दक्षिण एशिया भारी कूटनीतिक हलचलों का क्षेत्र बना रहा। अफगानिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, उसके पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का पाकिस्तान दौरा, इसके पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा की पाकिस्तान यात्रा एवं उसके बाद पाकिस्तानी नेताओं के शांति प्रयासों पर पानी फेरने वाले वक्तव्यों के कारण यह क्षेत्र लगातार सुर्खियों में रहा है। जाहिर है, इन सारी घटनाओं का कुछ न कुछ परिणाम आना चाहिए।
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आर्थिक प्रगति के थोथे दावे हैं डा. मनमोहन सरकार

By: विजय कुमार मधु  on: Sat 24 of Jul, 2010 11:44 UTC  (1 Reads)
India
राष्ट्रीय सलाहकार समिति की अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की सेवा कर रहे हैं देश के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ऐसा आशय का एहसास उन्होंने अपनी पत्रकार वार्ता में दे ही दे दिया है।
India
अभी हाल ही में हुए राज्यसभा के द्विवर्षीय चुनावों में भाजपा के लिए जिन नामों की चर्चा हुई उसमें ज्यादातर आडवाणी भक्त ही थे। और आयतित सदस्यों को भी भाजपा की यदि टिकट दी गई तो उसमें केवल आडवाणी की ही मंजूरी से ही यह सब हुआ है। जहां कांग्रेस ने अपने ही नेता को निर्दलीय बना दिया वहीं भाजपा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपना उम्मीदवार बनाकर सभी राजनैतिक विश्लेषकों को चौंका दिया।

आंध्र और कर्नाटक की रेड्डी समस्या

कांग्रेस और भाजपा का सिरदर्द जैसा है
By: कल्याणी शंकर  on: Fri 23 of Jul, 2010 11:32 UTC  (0 Reads)
India
दक्षिण के दो राज्यों में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी एक तरह की समस्या का सामना कर रही हैं। कर्नाटक में यह समस्या भाजपा के सामने है, तो आंध्र में कांग्रेस को इसका सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का नाम है रेड्डी समस्या। जगन मोहन रेड्डी कांग्रेस के लिए आंध्र प्रदेश में सिरदर्द बने हुए हैं, तों जनार्दन और करुणाकर रेड़डी भाजपा के लिए कर्नाटक में परेशानी का सबब बने हुए हैं।

मुलायम की मुसलमानों से क्षमायाचना

बसपा और कांग्रेस अपने जनाधार का जायजा ले रही है
By: प्रदीप कपूर  on: Thu 22 of Jul, 2010 11:25 UTC  (0 Reads)
India
लखनऊः जिस तरीके से समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने मुसलमानों से माफी मांगी है, उससे मुस्लिम वोटों के लिए उत्तर प्रदेश में पार्टियों के बीच होड़ लगती दिखाई दे रही है। इस होड़ में सपा के अलावा बसपा और कांग्रेस शामिल है।

भोपाल सम्मेलन में नक्सलियों से बात करने की गुहार

आजाद की मौत की जांच की भी मांग
By: एल एस हरदेनिया  on: Wed 21 of Jul, 2010 11:20 UTC  (0 Reads)
India
भोपालः देश भर के गांधीवादी पिछले दिनों भोपाल में इकट्ठे थे। वे माओवादी समस्या के हल के लि आपस में माथापच्ची कर रहे थे। 14 और 15 जुलाई को हुई उनकी बैठकों में हिंसक माओवादी समस्या के हल के लिए अहिंसक गांधीवादी रास्ते की तलाश की कोशिश की गई। दो दिनों की बैठक के बाद उन्होंने एक 15 सूत्री चार्टर तैयार किया, जिसका नाम उन्होंने रखा है भोपाल घोषणा।
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